SARDAR NETWORK 24×7 – DAINIK LATEST NEWS (सच आपकी जुबानी) 📰 रावेर | तहसील संवाददाता : शकील शेख
जलगांव जिले में केला फसल बीमा योजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
एग्रीकल्चर कमिश्नर द्वारा 48 CSC सेंटर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश के बाद पूरे तालुका में रोष फैल गया है।
👉 इस फैसले को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए CSC संचालकों ने
❗ 23/03/2026 से पूरे तालुका में CSC सेंटर बंद करने का ऐलान कर दिया है।
⚠️ क्या है पूरा विवाद?
केला फसल बीमा योजना में कथित गड़बड़ी
48 CSC सेंटर संचालकों पर केस दर्ज करने का आदेश
संचालकों का आरोप 👉 बिना जांच सीधे कार्रवाई
💬 संचालकों का कहना:
“हमें गलत तरीके से टारगेट किया जा रहा है!”
📢 तहसीलदार को सौंपा गया निवेदन
CSC संचालकों ने तहसीलदार को दिए बयान में साफ कहा:
👉 जब तक:
निष्पक्ष जांच नहीं होती
केस वापस नहीं लिए जाते
❗ तब तक CSC सेंटर बंद रहेंगे
🔍 CSC संचालकों के प्रमुख तर्क (मुद्देसहित):
1️⃣ 🖥️ हम सिर्फ डेटा ऑपरेटर हैं
IT Act 2000 की धारा 79 के अनुसार
👉 CSC ऑपरेटर सिर्फ इंटरमीडियरी (मध्यस्थ)
सरकार और किसान के बीच डिजिटल लिंक
डेटा बदलने का कोई अधिकार नहीं
2️⃣ 📄 डाटा की जिम्मेदारी किसान की
जानकारी किसान के डॉक्यूमेंट पर आधारित
(7/12, 8-A, बैंक पासबुक)
एप्लीकेशन पर किसान के सिग्नेचर/अंगूठा
👉 मतलब:
डाटा के लिए किसान खुद जिम्मेदार
3️⃣ 🌾 फसल का निरीक्षण हमारी जिम्मेदारी नहीं
खेत में असली फसल देखना:
👉 कृषि विभाग + राजस्व विभाग + इंश्योरेंस कंपनी का काम
❗ CSC ऑपरेटर को खेत पर जाकर जांच करने का
कोई नियम नहीं
4️⃣ 🔐 OTP और Farmer ID सुरक्षा
OTP किसान के मोबाइल पर जाता है
किसान की मंजूरी के बाद ही आवेदन सबमिट
👉 बिना किसान की सहमति
कुछ भी संभव नहीं
5️⃣ 🏢 इंश्योरेंस कंपनियों की बड़ी लापरवाही
कंपनियों को स्पॉट वेरिफिकेशन करना जरूरी
अगर जांच होती 👉 गलत बीमा नहीं होता
👉 अब दोष CSC पर डाला जा रहा है
6️⃣ ⚖️ बिना सबूत FIR – अन्याय
जब तक धोखाधड़ी साबित न हो
👉 सीधे केस दर्ज करना
❗ नेचुरल जस्टिस के खिलाफ
📌 CSC संचालकों की प्रमुख मांगें
✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
✔️ केस दर्ज करने के आदेश वापस लिए जाएं
✔️ पहले जांच कमेटी बने, फिर कार्रवाई हो
✔️ बिना सबूत किसी पर FIR न हो
🔥 आंदोलन का ऐलान
👉 23 मार्च 2026 से
❗ पूरे तालुका में CSC सेंटर बंद
👉 चेतावनी:
“जब तक न्याय नहीं… तब तक आंदोलन जारी!”
⚡ सरकारी आदेश बनाम बेरोजगार युवाओं का गुस्सा! ⚠️
👉 सवाल बड़ा है –
क्या बिना जांच कार्रवाई सही है या फिर निर्दोषों को फंसाया जा रहा है?
